आखिर क्यों गुरु को भगवान माना जाए?
गुरु के बारे में कबीर साहेब अपनी वाणी में इस तरह बताते हैं-
कबीर
गुरु गोविंद दोनो खड़े किसके लागू पाय।
बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताय।।
अथार्त-
स्वयं पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब ने सतगुरु की महिमा बताते हुए कहा है की सतगुरु वह है जिसने सत भक्ति के द्वारा हमें पूर्ण परमात्मा की प्राप्ति व मोक्ष का मार्ग बताया ।वह हमारे लिए भगवान से भी ज्यादा आदरणीय है।
कबीर साहेब अपनी दूसरी वाली में लिखते हैं कि-
कबीर-
सात समुद्र की मसी करू, लेखनी करू वनराय।
सब धरती कागज करू गुरु गुण लिखा न जाय।।
अथार्त-
कबीर साहेब अपनी वाणी में कहते हैं कि सात समुद्र की स्याही बना लो और संपूर्ण धरती के पेड़ पौधों की कलम बना लो और पूरी धरती को कागज बना लो फिर भी गुरु के गुण नहीं लिखे जा सकते हैं अर्थात कबीर साहिब जी गुरु को भगवान से भी ज्यादा महत्व देते हैं। वास्तव में सच्चा गुरु ही असली भगवान होता है
हमारे शास्त्र प्रमाणित करते हैं कि पूर्ण परमात्मा स्वयं ही सतगुरु रूप में आते हैं और कर्मकांड में उलझे भोले श्रद्धालुओं को सच्चा ज्ञान देकर सत भक्ति बताते हैं आज के समय में पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज ही है जो कबीर साहेब के अवतार है और कबीर साहेब ही पूर्ण परमात्मा है जो हमारे शास्त्र प्रमाणित करते हैं।
गुरु के बारे में कबीर साहेब अपनी वाणी में इस तरह बताते हैं-
कबीर
गुरु गोविंद दोनो खड़े किसके लागू पाय।
बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताय।।
अथार्त-
स्वयं पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब ने सतगुरु की महिमा बताते हुए कहा है की सतगुरु वह है जिसने सत भक्ति के द्वारा हमें पूर्ण परमात्मा की प्राप्ति व मोक्ष का मार्ग बताया ।वह हमारे लिए भगवान से भी ज्यादा आदरणीय है।
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| Guru is god |
कबीर साहेब अपनी दूसरी वाली में लिखते हैं कि-
कबीर-
सात समुद्र की मसी करू, लेखनी करू वनराय।
सब धरती कागज करू गुरु गुण लिखा न जाय।।
अथार्त-
कबीर साहेब अपनी वाणी में कहते हैं कि सात समुद्र की स्याही बना लो और संपूर्ण धरती के पेड़ पौधों की कलम बना लो और पूरी धरती को कागज बना लो फिर भी गुरु के गुण नहीं लिखे जा सकते हैं अर्थात कबीर साहिब जी गुरु को भगवान से भी ज्यादा महत्व देते हैं। वास्तव में सच्चा गुरु ही असली भगवान होता है
हमारे शास्त्र प्रमाणित करते हैं कि पूर्ण परमात्मा स्वयं ही सतगुरु रूप में आते हैं और कर्मकांड में उलझे भोले श्रद्धालुओं को सच्चा ज्ञान देकर सत भक्ति बताते हैं आज के समय में पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज ही है जो कबीर साहेब के अवतार है और कबीर साहेब ही पूर्ण परमात्मा है जो हमारे शास्त्र प्रमाणित करते हैं।

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