Tuesday, June 30, 2020

Environmental benefits

                        पर्यावरण:-हमारा जीवन

पर्यावरण जिसका अर्थ होता है चारो और का आवरण अर्थात हमारे जो चारो और का आवरण है उसे ही पर्यावरण कहते हैं।
जीवन के लिए पर्यावरण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। हमारे पर्यावरण में ऑक्सीजन,नाइट्रोजन,कार्बन डाइ-ऑक्साइड व नाइट्रोजन ऑक्साइड आदि कई अन्य गैस होती है जो जीवन के लिए बहुत ही उपयोगी है। ऑक्सीजन मानव के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है तो वही  कार्बन डाइऑक्साइड पेड़ पौधों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और नाइट्रोजन हमारे खेतों की फसलों के लिए अत्यंत आवश्यक है और न जाने कितनी गैस होती है जो किसी ना किसी काम में आती है। इस तरह यह सभी पर्यावरण में ही मौजूद होते हैं।
Environmental use
 Environmental use 


लेकिन आजकल मानव अपने फायदे के लिए पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचा रहा है जंगल के जंगल नष्ट किये जा रहे हैं। कटते पेड़ों के कारण बारिश की कमी हो रही है जिससे ताल-सरोवर सूख रहे हैं जो कि हमारे लिए अत्यंत दुख की बात है। आज जंगलों से पेड़-पौधों को काटकर औद्योगिक क्षेत्र का विस्तार किया जा रहा है जिससे पर्यावरण को काफी ज्यादा क्षति हो रही है।
औद्योगिक क्षेत्रों का कचरा,बढ़ते वाहनों से निकलने वाला धुआं आदि से जल प्रदूषण,वायु प्रदूषण की स्थिति काफी ज्यादा बढ़ रही है।
Environmental damage
Environment friend


शास्त्र अनुकूल साधना करने से पर्यावरण को संरक्षित किया जा सकता है। आज के समय में संत रामपाल जी महाराज ही शास्त्रों के अनुकूल साधना करवा रहे हैं जिसमें वह अपने अनुयायियों से पाँच यज्ञ करवाते हैं जिनमें एक ज्योति हवन यज्ञ होता है जो कि पर्यावरण के लिए काफी लाभदायक है इसमें उनके सभी अनुयाई अपने घरों में सुबह-शाम देशी घी से ज्योति प्रज्वलित करते हैं जिससे पर्यावरण को काफी मजबूती प्रधान होती है और ओजोन परत भी काफी मजबूत बनती है।
Environment protection
 Environment protection 

अधिक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर जाए-


Wednesday, June 24, 2020

Guru is like God

            आखिर क्यों गुरु को भगवान माना जाए?
गुरु के बारे में कबीर साहेब अपनी वाणी में इस तरह बताते हैं-
                 कबीर
                 गुरु गोविंद दोनो खड़े किसके लागू पाय।
                 बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताय।।
अथार्त-
स्वयं पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब ने सतगुरु की महिमा बताते हुए कहा है की सतगुरु वह है जिसने सत भक्ति के द्वारा हमें पूर्ण परमात्मा की प्राप्ति व मोक्ष का मार्ग बताया ।वह हमारे लिए भगवान  से भी ज्यादा आदरणीय है।


Guru is god
Guru is god



कबीर साहेब अपनी दूसरी वाली में लिखते हैं कि-

          कबीर-
               सात समुद्र की मसी करू, लेखनी करू वनराय।
               सब धरती कागज करू गुरु गुण लिखा न जाय।।
अथार्त-
कबीर साहेब अपनी वाणी में कहते हैं कि सात समुद्र की स्याही बना लो और संपूर्ण धरती के पेड़ पौधों की कलम बना लो और पूरी धरती को कागज बना लो फिर भी गुरु के गुण नहीं लिखे जा सकते हैं अर्थात कबीर साहिब जी गुरु को भगवान से भी ज्यादा महत्व देते हैं। वास्तव में सच्चा गुरु ही असली भगवान होता है

हमारे शास्त्र प्रमाणित करते हैं कि पूर्ण परमात्मा स्वयं ही सतगुरु रूप में आते हैं और कर्मकांड में उलझे भोले श्रद्धालुओं को सच्चा ज्ञान देकर सत भक्ति बताते हैं आज के समय में पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज ही है जो कबीर साहेब के अवतार है और कबीर साहेब ही पूर्ण परमात्मा है जो हमारे शास्त्र प्रमाणित करते हैं।

Wednesday, June 10, 2020

Bible

पवित्र बाइबल में परमेश्वर का माँस खाने का आदेश नही है।

पवित्र बाइबल-उत्पत्ति 1:29

में परमेश्वर कबीर साहेब जी ने कहा ह की जितने बीज वाले छोटे-छोटे पेड़ सारी पृथ्वी के ऊपर हैं और जितने वृक्षों में बीज वाले फल होते हैं वह सब मैंने तुमको तुम्हारे भोजन के लिए दिए हैं।
स्पष्ट है की परमेश्वर ने मनुष्य के खाने के लिए शाकाहारी भोजन दिया।ईसाई भाई मांस खाकर प्रभु के आदेश का उल्लंघन कर रहे हैं।
अतः सभी ईसाई भाइयों से प्रार्थना है की परमेश्वर के आदेश का सही से पालन करें और मांस खाना बंद कर दे।

जिस प्रकार मनुष्य का गला काटने पर उसको जितना दर्द होता है उतना ही दर्द उस पशु को भी होता है जिसका गला कट रहा होता है।यदि किसी इंसान को बोला जाए की आपका गला काटना है तो वह बिल्कुल भी राजी नहीं होगा क्योंकि उसको पता है कि गला काटने से उसको कितना दर्द होगा और उसके जीवन का अंत हो जाएगा तो उसी तरह हमें भी किसी पशु का गला काटने का अधिकार नही है उसको भी बहुत दर्द होता है।
अतः सभी मांसाहारी भाइयों से प्रार्थना है कि वह मांस खाना छोड़ दे और शुद्ध शाकाहारी भोजन खाये

और अधिक जानने के लिए अवश्य देखें संत रामपाल जी महाराज के मंगल प्रवचन साधना चैनल पर शाम 7:30 से 

Drug free

देवता भी मनुष्य जीवन को तरसते हैं क्योंकि मोक्ष मनुष्य जीवन में ही हो सकता है। और परमात्मा का विधान है कोई भी नशा करने वाला मोक्ष प्राप्त नह...